खराब मौसम, तकनीकी खराबी या एयरलाइन की लापरवाही के कारण यदि आपकी उड़ान प्रभावित होती है, तो भारतीय कानून यात्रियों को व्यापक सुरक्षा और वित्तीय मुआवजे का अधिकार देता है। जानें अपने कानूनी अधिकार ताकि एयरलाइंस आपको गुमराह न कर सकें।
1. फ्लाइट में देरी होने पर आपके अधिकार (Flight Delay Compensation)
DGCA के नियमानुसार यदि यात्री ने समय पर चेक-इन कर लिया है और फ्लाइट में देरी होती है:
- 2 घंटे से अधिक देरी (2.5 घंटे तक की उड़ान के लिए): एयरलाइन को यात्रियों को मुफ्त भोजन एवं अल्पाहार (Free Meals & Refreshments) उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
- 6 घंटे से अधिक देरी: एयरलाइन को निर्धारित समय से 24 घंटे पहले वैकल्पिक उड़ान या पूरा रिफंड देना होगा।
- रात की देरी (Flight Delayed Past 24:00 Hrs): यदि रात में 6 घंटे से अधिक की देरी होती है, तो एयरलाइन को मुफ्त होटल आवास (Hotel Stay) और आने-जाने का कैब किराया देना होगा।
2. फ्लाइट कैंसिलेशन पर ₹10,000 तक का मुआवजा (Flight Cancellation)
यदि एयरलाइन निर्धारित प्रस्थान से 24 घंटे से कम समय में उड़ान रद्द करती है और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पाती:
1 घंटे तक की ब्लॉक उड़ान
₹5,000 या वन-वे टिकट + टैक्स
1 से 2 घंटे की ब्लॉक उड़ान
₹7,500 या वन-वे टिकट + टैक्स
2 घंटे से अधिक की ब्लॉक उड़ान
₹10,000 या वन-वे टिकट + टैक्स
3. मुआवजा क्लेम कैसे करें?
- एयरपोर्ट पर एयरलाइन के ड्यूटी मैनेजर से लिखित में देरी/कैंसलेशन का कारण और पावती (Endorsement) लें।
- एयरलाइन के आधिकारिक कस्टमर ग्रिवांस पोर्टल पर CAR Section 3 का हवाला देकर क्लेम फाइल करें।
- यदि एयरलाइन 30 दिनों में भुगतान नहीं करती, तो भारत सरकार के AirSewa पोर्टल (airsewa.gov.in) पर सीधे DGCA को शिकायत दर्ज कराएं।