नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) की डिजी यात्रा (DigiYatra) पहल ने भारतीय हवाई अड्डों पर यात्रियों के सफर के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) के जरिए अब आपका चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास और आईडी बन जाता है।
1. डिजी यात्रा ऐप सेटअप करने की 4 आसान स्टेप्स
ऐप डाउनलोड व मोबाइल ऑथेंटिकेशन
Google Play Store या Apple App Store से आधिकारिक 'DigiYatra' ऐप डाउनलोड करें और आधार से लिंक मोबाइल नंबर से OTP द्वारा लॉगिन करें।
आधार डिजिलॉकर से पहचान सत्यापन
DigiLocker के जरिए अपने आधार को लिंक करें। इससे आपकी पहचान सुरक्षित रूप से सत्यापित हो जाती है।
लाइव सेल्फी खींचकर फेस आईडी बनाएं
ऐप में बिना चश्मे और मास्क के अच्छी रोशनी में एक क्लियर सेल्फी लें। यह आपके चेहरे का बायोमेट्रिक टेम्पलेट तैयार करेगा।
बोर्डिंग पास अपलोड करें
फ्लाइट के दिन वेब चेक-इन करने के बाद अपना 2D बारकोड वाला बोर्डिंग पास ऐप में स्कैन या शेयर करें।
2. एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा का उपयोग कैसे करें?
हवाई अड्डे के डिपार्चर गेट पर DigiYatra E-Gate की अलग लाइन होती है:
- ई-गेट के स्कैनर पर अपना बारकोड बोर्डिंग पास स्कैन करें।
- कैमरे की तरफ सीधे देखें। 2 सेकंड में आपका चेहरा स्कैन होते ही गेट अपने आप खुल जाएगा।
- सुरक्षा जांच (CISF Security Frisking) के बाद भी ई-गेट के जरिए सीधे अंदर चले जाएं। आपको कहीं भी फिजिकल आधार या टिकट दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
3. डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा: क्या यह सेफ है?
डिजी यात्रा का आर्किटेक्चर सेल्फ-सॉवरेन आइडेंटिटी (SSI) पर आधारित है। आपका बायोमेट्रिक डेटा किसी केंद्रीय सर्वर पर स्टोर नहीं होता, बल्कि केवल आपके स्मार्टफोन में एन्क्रिप्टेड रहता है। यात्रा पूरी होने के 24 घंटे के भीतर एयरपोर्ट सर्वर से संबंधित डेटा स्वतः डिलीट हो जाता है।